अग्नि-3 मिसाइल की दहाड़ से कांपी बंगाल की खाड़ी, चीन-पाक के पास नहीं इसका कोई मुकाबला

भुवनेश्वर 

भारत ने  सुबह ओडिशा के तट से एक ऐसा धमाका किया है, जिसकी गूंज ने सीमा पार बैठे दुश्मनों के बंकरों को हिला कर रख दिया है. भारत ने अपनी घातक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) ‘अग्नि-3’ का सफल परीक्षण किया. इसकी सफलता ने चीन और पाकिस्तान को सीधा मैसेज भेजा है कि अगर आंख दिखाई, तो घर में घुसकर मारेंगे. इस मिसाइल को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से जब स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड ने दागा. रक्षा सूत्रों ने बताया कि लॉन्च के दौरान सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स 100% सटीक पाए गए. DRDO द्वारा तैयार किया गया यह ‘ब्रह्मास्त्र’ अब पूरी तरह से अपने शिकार को तबाह करने के लिए तैयार है.

बीजिंग और रावलपिंडी की ‘डेथ रेंज’ में एंट्री- इस परीक्षण ने पड़ोसी मुल्कों में खलबली मचा दी है. यह मिसाइल सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि इसकी रेंज इतनी भयानक है कि पाकिस्तान का कोना-कोना इसकी जद में है. वहीं, अपनी विस्तारवादी सोच रखने वाला चीन भी अब सुरक्षित नहीं है. अग्नि-3 की मारक क्षमता चीन के बीजिंग और शंघाई जैसे प्रमुख शहरों तक तबाही मचाने का दम रखती है.

ये भी पढ़ें :  छत्तीसगढ़-रायपुर में पूर्व मंत्री कवासी लखमा के घर पर ईडी की दबिश, बेटे के निवास पर भी पड़ा छापा

मध्यम दूरी की मिसाइल

स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड ने ओडिशा के चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सफलतापूर्वक टेस्ट फायर किया. रक्षा सूत्रों की ओर से बताया गया कि लॉन्च में सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स सही पाए गए. बताते चलें कि भारत की मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM – Intermediate Range Ballistic Missile) है. इसे डीआरडीओ ने विकसित किया है.

अग्नि रेंज की मिसाइलों का लगातार परीक्षण

हाल के दिनों में अग्नि सीरीज़ की दूसरी मिसाइलों का परीक्षण किया गया है. इसमें इसके अपग्रेडेड वेरिएंट भी शामिल हैं, का टेस्ट-फायर किया गया है. बता दें कि इन सब परीक्षण के बावजूद अग्नि-3 भारत की रक्षा ताकत में एक स्ट्रेटेजिक महत्व रखती है. यह मिसाइल दो-स्टेज वाला सिस्टम है जो सॉलिड फ्यूल से चलता है. पहला स्टेज जलने के बाद, दूसरा स्टेज जलता है ताकि मिसाइल अपने रास्ते पर आगे टारगेट की ओर बढ़े, जिससे स्टेबिलिटी और एक्यूरेसी पक्की होती है.

ये भी पढ़ें :  ऑपरेशन सिंदूर से विश्वास तक: गरीबों को 4 करोड़ घर — राष्ट्रपति मुर्मू का अभिभाषण में प्रमुख संदेश

अग्नि-3 का रेंज कितनी है

अग्नि-3 दो-चरण की ठोस ईंधन वाली मिसाइल है. इसमें 1.5 टन तक का परमाणु या पारंपरिक वॉरहेड ले जाने की क्षमता है. साथ ही बताया गया कि इसकी अधिकतम रेंज 3,500 किलोमीटर होती है. हालांकि, अभी तक इसकी 3,000 से 3,200 किलोमीटर तक की रेंज में सफल परीक्षण हुआ है. इसकी विशेषताओं के बारे में बात करें तो-

ये भी पढ़ें :  पूरे देश में SIR के लिए चुनाव आयोग तैयार, जानें पहले चरण में कितने राज्यों में होगी प्रक्रिया

    लंबाई: इसकी लंबाई लगभग 17 मीटर तक है.
    वजन: अग्नि-3 का वजन लगभग 48-50 टन है.

    गति: यह मैक 7-8 यानी कि ध्वनि की गति से 7 से 8 गुना उड़ान भरने की क्षमता रखती है.
    लक्ष्य सटीकता:  इसकी Circular Error Probable 40 मीटर से कम बताया जाता रहा है.

पड़ोसी देश के कई शहर जद में

मिसाइल पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों और चीन के कई महत्वपूर्ण शहरों जैसे बीजिंग तक नहीं, लेकिन शंघाई, चोंगकिंग आदि तक को कवर कर सकती है. वहीं, इसके जद में पाकिस्तान के अधिकांश शहर हैं. बताते चलें कि अग्नि-3 को 2006 के बाद कई बार सफलतापूर्वक परीक्षिण किया गया है. हालांकि, यह अग्नि-4 और अग्नि-5 की तुलना में छोटी लेकिन बहुत प्रभावी मिसाइल है.

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment